नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत: अम्ल वर्षा, ग्रीनहाउस प्रभाव और ऊर्जा समाधान

Posted by Anonymous and classified in Chemistry

Written on in English with a size of 25.46 KB

(a) अम्ल वर्षा (Acid Rain) समझाइए।

अम्ल वर्षा वह वर्षा है जिसमें सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) और नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) मिले होते हैं। ये अम्ल उद्योगों, वाहनों और थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली SO₂ और NOx गैसों के वायुमंडल में ऑक्सीकरण से बनते हैं।

प्रभाव:

  • मिट्टी की उर्वरता घटती है, फसलें प्रभावित होती हैं।

  • झीलों और नदियों का pH कम होता है, जलीय जीव मरते हैं।

  • इमारतें और स्मारक (ताजमहल आदि) क्षतिग्रस्त होते हैं।

नियंत्रण: स्वच्छ ईंधन, स्क्रबर, कैटेलिटिक कन्वर्टर, वृक्षारोपण।

(b) ग्रीनहाउस प्रभाव विस्तार से समझाइए।

ग्रीनहाउस प्रभाव वह प्रक्रिया है जिसमें वायुमंडल की गैसें (CO₂, CH₄, N₂O, जलवाष्प) पृथ्वी से निकलने वाली अवरक्त किरणों को रोककर वापस भेज देती हैं, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ता है।

कारण: जीवाश्म ईंधन दहन, वनों की कटाई, औद्योगिकीकरण।

परिणाम: वैश्विक तापन, ग्लेशियर पिघलना, समुद्र स्तर बढ़ना, चरम मौसम।

उपाय: नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, वृक्षारोपण, उत्सर्जन नियंत्रण।

(a) भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धियाँ (Achievements) लिखिए।

  • भारत सौर और पवन क्षमता में विश्व के अग्रणी देशों में है।

  • राष्ट्रीय सौर मिशन, विशाल सोलर पार्क (भदला, पावागढ़ आदि)।

  • पवन ऊर्जा में तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र अग्रणी।

  • बायोगैस, बायोमास और लघु जलविद्युत परियोजनाएँ।

  • ग्रामीण विद्युतीकरण, ऑफ-ग्रिड सोलर और रूफटॉप सोलर का विस्तार।

  • आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हुई और रोजगार सृजन हुआ।

(b) ब्लॉक डायग्राम सहित सोलर थर्मल पावर जनरेशन समझाइए।

सिद्धांत: सूर्य की किरणों को दर्पण/कलेक्टर से एक बिंदु पर केंद्रित कर ताप उत्पन्न किया जाता है, उससे भाप बनती है और टरबाइन-जनरेटर घूमता है।

ब्लॉक डायग्राम (वर्णन):
सूर्य किरणें → कलेक्टर/कंसन्ट्रेटर → हीट ट्रांसफर फ्लूड/बॉयलर → भाप → टरबाइन → जनरेटर → बिजली

लाभ: स्वच्छ, ईंधन लागत शून्य।
हानि: प्रारंभिक लागत अधिक, धूप पर निर्भरता।


(a) सोलर फोटोवोल्टाइक सेल के लाभ-हानि लिखिए।

लाभ:

  • प्रदूषण रहित, नवीकरणीय।

  • रखरखाव कम।

  • दूरदराज के क्षेत्रों में उपयोगी।

  • मॉड्यूलर सिस्टम।

हानि:

  • रात या बादल में उत्पादन कम।

  • प्रारंभिक लागत अधिक।

  • बड़े क्षेत्र की आवश्यकता।

  • भंडारण (बैटरी) की जरूरत।

(b) शॉर्ट नोट्स

i) सौर विकिरण (Solar Radiation): सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली ऊर्जा, जो विद्युत या ताप में बदली जा सकती है।

ii) प्रकीर्णित विकिरण (Diffused): बादलों या वायुमंडल से बिखरकर आने वाली किरणें।

iii) किरणपुंज/सीधी किरणें (Beam): सीधे सूर्य से आने वाली तीव्र किरणें।

(a) पवन ऊर्जा की तीव्रता व पवन शक्ति समझाइए।

पवन तीव्रता (Wind Speed): हवा की गति (m/s)।

पवन शक्ति (Wind Power): P = ½ ρAV³
जहाँ ρ = वायु घनत्व, A = क्षेत्रफल, V = वेग।

निष्कर्ष: वेग बढ़ने पर शक्ति घनात्मक रूप से बढ़ती है।

(b) ऊर्ध्वाधर अक्ष पवन मशीन के प्रकार समझाइए।

  1. डैरियस टरबाइन: अंडाकार ब्लेड, उच्च दक्षता।

  2. सावोनियस टरबाइन: S-आकार, कम गति पर भी चलती है, सरल संरचना।
    लाभ: किसी भी दिशा की हवा में कार्य।
    हानि: दक्षता अपेक्षाकृत कम (कुछ प्रकारों में)।


(a) क्षैतिज व ऊर्ध्वाधर अक्ष पवन टरबाइन में अंतर लिखिए।

बिंदुक्षैतिज अक्षऊर्ध्वाधर अक्ष
अक्षजमीन के समानांतरजमीन के लंबवत
दक्षताअधिककम
दिशाहवा की दिशा में घुमानी पड़ती हैदिशा स्वतंत्र
रखरखावऊँचाई पर कठिनआसान

(b) पवन ऊर्जा के लाभ-हानि लिखिए।

लाभ: स्वच्छ, नवीकरणीय, ईंधन मुक्त।
हानि: शोर, दृश्य प्रभाव, अनियमित हवा, पक्षियों पर प्रभाव।

(a) बायोगैस संयंत्र के प्रकार समझाइए।

  1. फ्लोटिंग ड्रम टाइप (KVIC): गैस ड्रम तैरता है।

  2. फिक्स्ड डोम टाइप (जनता/दीनबंधु): स्थिर गुंबद, कम लागत।

  3. बैग टाइप: प्लास्टिक बैग, सरल संरचना।

उपयोग: खाना पकाने, बिजली उत्पादन और खाद (स्लरी)।

(b) शॉर्ट नोट्स

i) ज्वारीय ऊर्जा (Tidal): समुद्र के ज्वार-भाटा से टरबाइन घुमाकर बिजली।
ii) तरंग ऊर्जा (Wave): समुद्री तरंगों की ऊर्जा से विद्युत उत्पादन।


(a) भू-तापीय ऊर्जा का कार्य सिद्धांत लिखिए।

पृथ्वी के भीतर की ऊष्मा से पानी गरम होकर भाप बनता है, भाप टरबाइन घुमाती है और जनरेटर से बिजली बनती है। क्षेत्र: ज्वालामुखीय और भूकंपीय इलाके।

(b) हाइड्रोजन ऊर्जा का कार्य सिद्धांत व उपयोग लिखिए।

सिद्धांत: हाइड्रोजन के दहन या फ्यूल सेल में रासायनिक प्रतिक्रिया से विद्युत और ऊष्मा उत्पन्न होती है।

फ्यूल सेल: H₂ + O₂ → H₂O + विद्युत + ऊष्मा

उपयोग: वाहन, अंतरिक्ष यान, बैकअप पावर, उद्योग।

(a) ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) की परिभाषा दीजिए। (2 अंक)

ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) वह अनुपात है जिसमें उपयोगी प्राप्त ऊर्जा को कुल उपभोगित ऊर्जा से भाग दिया जाता है।

Energy Efficiency = (Useful Output Energy ÷ Input Energy) × 100

अर्थात कम ऊर्जा में अधिक कार्य करना ही ऊर्जा दक्षता है। उच्च दक्षता का अर्थ है कम अपव्यय और कम लागत।

(b) विश्व ऊर्जा परिदृश्य की वर्तमान स्थिति पर चर्चा कीजिए। (4 अंक)

आज विश्व की ऊर्जा आवश्यकताएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। उद्योगीकरण, शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि के कारण ऊर्जा की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है। वर्तमान में:

  • अधिकांश देश अभी भी जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोलियम, गैस) पर निर्भर हैं।

  • इससे प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापन जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं।

  • इसी कारण दुनिया भर में नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन, जल, बायोमास) को तेजी से अपनाया जा रहा है।

  • यूरोप, चीन, भारत और अमेरिका नवीकरणीय ऊर्जा में बड़े निवेश कर रहे हैं।

  • ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास वैश्विक प्राथमिकता बन चुके हैं।


(c) ऊर्जा संसाधनों का भंडारण समझाइए। (6 अंक)

ऊर्जा भंडारण का अर्थ है अतिरिक्त उत्पन्न ऊर्जा को भविष्य के उपयोग हेतु संग्रह करना। नवीकरणीय ऊर्जा अनियमित होती है, इसलिए भंडारण अत्यंत आवश्यक है।

मुख्य प्रकार:

  1. बैटरी स्टोरेज: लिथियम-आयन और लेड-एसिड बैटरी। सोलर और पवन सिस्टम में व्यापक उपयोग।

  2. पम्प्ड हाइड्रो स्टोरेज: अतिरिक्त बिजली से पानी ऊँचाई पर पम्प किया जाता है और जरूरत पड़ने पर नीचे गिराकर टरबाइन घुमाई जाती है।

  3. थर्मल स्टोरेज: ऊष्मा को पिघले लवण, पानी या पत्थर में संग्रह किया जाता है।

(a) Direct और Diffused Solar Radiation में अंतर बताइए। (2 अंक)

आधारDirect RadiationDiffused Radiation
स्रोतसीधे सूर्य सेवायुमंडल से बिखरकर
तीव्रताअधिककम
छायास्पष्ट छाया बनती हैछाया धुंधली होती है

(b) Solar Insolation समझाइए। (4 अंक)

सोलर इनसोलैशन किसी स्थान पर एक निश्चित समय में प्राप्त सौर ऊर्जा की मात्रा को कहते हैं। इसे kWh/m²/day में मापा जाता है।

यह निम्न से प्रभावित होती है:

  • अक्षांश

  • मौसम

  • बादल

  • समय

  • वायुमंडलीय स्थिति

उच्च इनसोलैशन वाले क्षेत्रों में सोलर पावर प्लांट अधिक प्रभावी होते हैं।

(a) पवन ऊर्जा समझाइए। (2 अंक)

पवन ऊर्जा हवा की गतिज ऊर्जा से प्राप्त होती है। हवा टरबाइन घुमाती है, जिससे जनरेटर द्वारा बिजली बनती है।


(b) पवन ऊर्जा को प्रभावित करने वाले कारक। (4 अंक)

  1. हवा की गति: गति जितनी अधिक, शक्ति उतनी अधिक।

  2. वायु घनत्व: ठंडी हवा अधिक घनी होती है।

  3. ऊँचाई: ऊँचाई पर हवा तेज़ होती है।

  4. भू-आकृति: पहाड़, पेड़ और इमारतें बाधा बनती हैं।

(c) Solar Energy Collector एवं उसके प्रकार समझाइए। (6 अंक)

सोलर कलेक्टर वह उपकरण है जो सूर्य की किरणों को अवशोषित कर ऊष्मा में बदलता है।

प्रकार:

  1. Flat Plate Collector: कांच कवर, काली प्लेट और पाइप। घरेलू जल तापक में उपयोग।

  2. Evacuated Tube Collector: वैक्यूम ट्यूब, कम ऊष्मा हानि। ठंडे क्षेत्रों में उपयुक्त।

  3. Concentrating Collector: दर्पण से किरणें एक बिंदु पर केंद्रित। बिजली उत्पादन में उपयोग।

लाभ: ईंधन मुक्त, प्रदूषण रहित।
हानि: धूप पर निर्भरता, प्रारंभिक लागत।

(c) Wind Power Plant हेतु Site Selection के बिंदु। (6 अंक)

  • उच्च और स्थिर हवा की गति

  • खुला क्षेत्र, कम बाधाएँ

  • ट्रांसमिशन लाइन के पास

  • भूमि की उपलब्धता

  • पर्यावरणीय स्वीकृति

  • परिवहन सुविधा


(a) Biomass Energy पर संक्षिप्त टिप्पणी। (4 अंक)

बायोमास ऊर्जा जैविक पदार्थों (लकड़ी, गोबर, कृषि अपशिष्ट) से प्राप्त होती है। यह नवीकरणीय है और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी है।

(b) Biomass Gasifier एवं उसके प्रकार समझाइए। (6 अंक)

गैसीफायर बायोमास को आंशिक दहन द्वारा गैस (CO, H₂) में बदलता है।

प्रकार:

  1. Updraft

  2. Downdraft

  3. Crossdraft

  4. Fluidized Bed

उपयोग: बिजली उत्पादन और इंजन ईंधन।


(c) Biogas बनाने की प्रक्रिया समझाइए। (6 अंक)

  • गोबर या अपशिष्ट में पानी मिलाकर स्लरी बनाई जाती है।

  • स्लरी को डाइजेस्टर में भरा जाता है।

  • बिना ऑक्सीजन के बैक्टीरिया द्वारा अपघटन होता है।

  • मीथेन गैस बनती है।

  • गैस पाइप द्वारा चूल्हे या जनरेटर तक पहुँचती है।

  • बची स्लरी खाद के रूप में उपयोग होती है।

(a) Digesters समझाइए। (2 अंक)

डाइजेस्टर वह वायुरुद्ध टैंक है जिसमें जैविक पदार्थ सड़कर बायोगैस बनाता है।


(b) विभिन्न Pyrolysis प्रक्रियाओं की तुलना। (4 अंक)

प्रकारतापमानउत्पाद
Slowकमअधिक चार (Char)
Fastमध्यमअधिक तेल
Flashउच्चअधिक गैस

(c) Ethanol उत्पादन प्रक्रिया समझाइए। (6 अंक)

  1. कच्चा माल (गन्ना, मक्का)

  2. शर्करा में परिवर्तन

  3. किण्वन (Fermentation)

  4. यीस्ट द्वारा अल्कोहल निर्माण

  5. आसवन (Distillation)

  6. शुद्ध एथेनॉल प्राप्त

(a) Wave Energy संक्षेप में। (2 अंक)

समुद्री तरंगों की ऊर्जा से टरबाइन घुमाकर बिजली बनाई जाती है।


(b) Tidal Energy के लाभ-हानि। (4 अंक)

लाभ: नवीकरणीय, अनुमानित, प्रदूषण रहित।
हानि: उच्च लागत, सीमित स्थान, समुद्री जीवन पर प्रभाव।


(c) Fuel Cell System एवं उसके प्रकार समझाइए। (6 अंक)

फ्यूल सेल रासायनिक ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में बदलता है।

सिद्धांत:
H₂ + O₂ → H₂O + बिजली + ऊष्मा

प्रकार:

  • PEMFC

  • SOFC

  • AFC

  • MCFC

उपयोग: वाहन, अंतरिक्ष और बैकअप पावर।

(a) Geothermal Energy

पृथ्वी के भीतर की ऊष्मा से प्राप्त ऊर्जा। भाप से टरबाइन चलती है। यह स्थायी और विश्वसनीय स्रोत है।


(b) OTEC Cycles

समुद्र की सतही गर्म और गहरी ठंडी जल परत के तापांतर से बिजली उत्पादन।
प्रकार: Open, Closed, Hybrid Cycle।


(c) Cogeneration System

एक ही ईंधन से बिजली और ऊष्मा दोनों का उत्पादन। दक्षता 80–90% तक।


(d) Hybrid Energy System

दो या अधिक ऊर्जा स्रोतों (सोलर, पवन, डीजल) का संयोजन। विश्वसनीय और निरंतर आपूर्ति।

Related entries: